भारत

 डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डीएलसी अभियान 5.0 के पहले पांच दिनों में लगभग 40 लाख प्रमाणपत्र उत्पन्न होने से चेहरा प्रमाणीकरण अपनाने की संख्या 80% तक बढ़ गई है।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधान मंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 5.0 लॉन्च किया, जिसके पहले पांच दिनों में लगभग 40 लाख डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाए गए। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान लगभग 25 लाख थे, जिसमें 60

भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य
Indian aerospace engineers of mixed genders in proper white cleanroom suits examining a realistic small satellite inside a clean high-tech laboratory, no agency logos, blue-white light, documentary realism · सांकेतिक एआई चित्र; वास्तविक घटना की तस्वीर नहीं। · सांकेतिक चित्र · राष्ट्रीय रिपोर्टर · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य · यह घटना की वास्तविक तस्वीर नहीं है।
मूल स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकारमूल खबर पढ़ें ↗

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधान मंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री, डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 5.0 लॉन्च किया, जिसके पहले पांच दिनों में लगभग 40 लाख डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाए गए। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान लगभग 25 लाख थे, जिसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इसी अवधि के दौरान चेहरा प्रमाणीकरण अपनाने की दर 61 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गई है, जो प्रौद्योगिकी-सक्षम पेंशन सेवाओं में पेंशनभोगियों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया दर्शाती है कि कैसे डिजिटल नवाचार पेंशनभोगियों के जीवन को आसान बना रहा है और साथ ही बुजुर्ग नागरिकों के लिए शासन को अधिक सुलभ, सुविधाजनक और सम्मानजनक बना रहा है।

राष्ट्रीय मीडिया केंद्र, नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह अभियान धीरे-धीरे एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है, जो सरकारी विभागों, पेंशन वितरण बैंकों, पेंशनभोगी संघों और परिवारों को निर्बाध पेंशन-संबंधी सेवाओं की सुविधा के लिए एक साथ लाता है।

इस कार्यक्रम में पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने भाग लिया। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ, श्री सतीश कुमार, सचिव, डाक विभाग, श्री सुब्रत दास, रक्षा लेखा महानियंत्रक, सुश्री अलका नांगिया अरोड़ा, संचार लेखा महानियंत्रक, सुश्री वंदना गुप्ता, सीईओ, यूआईडीएआई, श्री सौरभ विजय और अतिरिक्त महानिदेशक, पीआईबी, श्री नंद किशोर रेड्डी, अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अभियान का मूल उद्देश्य वृद्ध नागरिकों के लिए जीवनयापन में आसानी सुनिश्चित करना है, उन्होंने कहा कि भारत का बदलता जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य पेंशनभोगियों को समाज का एक महत्वपूर्ण वर्ग बनाता है। लगभग 50 लाख कार्यरत कर्मचारियों के मुकाबले केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की संख्या अब लगभग 70 लाख तक पहुंच गई है जो पहले की स्थिति से विपरीत हो है,जब कार्यरत कर्मचारियों की संख्या लगभग 55-60 लाख और पेंशनभोगियों की संख्या लगभग 50 लाख थी।

उन्होंने कहा कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा और बेहतर स्वास्थ्य स्थितियों ने राष्ट्र निर्माण के लिए वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, विशेषज्ञता और क्षमता का उपयोग करने का एक नया अवसर पैदा किया है। कई कर्मचारी 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं जब वे अभी भी अपने स्वास्थ्य, अनुभव और पेशेवर क्षमताओं के चरम पर होते हैं।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण के संदर्भ में, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बुजुर्ग नागरिकों को अपने आराम, स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करके राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए, जिससे वे रचनात्मक राष्ट्रीय प्रयासों में अपनी क्षमता का योगदान कर सकें। उन्होंने भारत की विकास यात्रा में भागीदार के रूप में युवा और पुरानी पीढ़ी के बीच स्वस्थ तालमेल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के विकास का पता लगाते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बुजुर्ग पेंशनभोगियों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक शुरू करने से पहले सरकार ने शुरुआत में पारंपरिक जीवन प्रमाणपत्र पर भरोसा किया, उसके बाद उंगलियों के निशान के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया। उन्होंने कहा कि चेहरा पहचान तकनीक एक सुविधाजनक और सुलभ समाधान के रूप में उभरी है जो पेंशनभोगियों को बैंकों या कार्यालयों में जाने की आवश्यकता के बिना मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने में सक्षम बनाती है। डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पिछले साल बनाए गए 1.92 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाणपत्रों में से लगभग 1.17 करोड़ चेहरे के प्रमाणीकरण के माध्यम से थे जो पेंशनभोगियों के बीच इस तकनीक के लिए बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह अभियान तेजी से "संपूर्ण सरकार" और "संपूर्ण समाज" का आंदोलन बन गया है जिसमें पेंशनभोगी कल्याण संघ और परिवार के सदस्य डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, डीएलसी तैयार करने में दादा-दादी की सहायता करने वाले पोते-पोतियों ने प्रौद्योगिकी को अपनाने को एक आकर्षक पारिवारिक अनुभव बना दिया है जबकि वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल उपकरणों और सेवाओं से परिचित कराया है। उन्होंने कहा कि अभियान की बढ़ती स्वीकार्यता नागरिक-केंद्रित शासन को आगे बढ़ाने में सरकारी संस्थानों, पेंशनभोगियों और समाज की सामूहिक भागीदारी को दर्शाती है।

उन्होंने पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा किए गए कई पेंशन-संबंधी सुधारों का भी उल्लेख किया, जिसमें लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान के लिए पेंशन अदालतें, सीपीईएनजीआरएएमएस के माध्यम से एक समर्पित शिकायत निवारण तंत्र और अप्रचलित नियमों और प्रक्रियाओं का सरलीकरण शामिल है।

उन्होंने कहा कि सुधारों ने अतिरिक्त नियमन शुरू करने के बजाय अनावश्यक प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे पेंशन प्रशासन नागरिकों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने दोहराया कि सरकार पेंशनभोगियों के सुझावों के लिए खुली है जहां भी उन्हें कठिनाइयों, बाधाओं या प्रक्रियात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उनके कल्याण में सुधार के लिए अप्रचलित नियमों और शर्तों को खत्म करना जारी रहेगा।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान पेंशनभोगियों के कल्याण, जीवनयापन में आसानी, डिजिटल सशक्तिकरण और पेंशनभोगियों की गरिमा के उद्देश्यों के साथ चलाया जा रहा है और साथ ही सरकार के न्यूनतम सरकार तथा अधिकतम शासन के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अभियान पेंशनभोगियों को त्वरित, सुविधाजनक और सुलभ इंटरफ़ेस प्रदान करता है, जिससे बार-बार आने की आवश्यकता और प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को कम किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रिंट और सोशल मीडिया, व्हाट्सएप नेटवर्क, लघु व्याख्यात्मक वीडियो और पेंशनभोगी संघों के माध्यम से व्यापक पहुंच ने जागरूकता फैलाने और भागीदारी को प्रोत्साहित करने में मदद की है।

सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि यह अभियान एक व्यापक संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें पेंशन वितरण करने वाले बैंक, रेलवे और रक्षा मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, डाक विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, यूआईडीएआई, राज्य सरकारें और पेंशनभोगी संघ एक साथ काम कर रहे हैं। दूरदराज के इलाकों में पेंशनभोगियों तक पहुंचने के विशेष प्रयासों के साथ, लगभग 3,000 स्थानों को शिविरों के माध्यम से कवर किया जा रहा है।

शिविरों में जाने में असमर्थ पेंशनभोगियों के लिए घर तक सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान गतिशीलता या भौगोलिक बाधाओं के बावजूद बुजुर्ग नागरिकों तक पहुंचे। सचिव ने पेंशनभोगियों से अभियान का पूरा लाभ उठाने और साथी पेंशनभोगियों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि सकारात्मक अनुभव और मौखिक संचार इसकी पहुंच और प्रभाव को और मजबूत करेगा।

कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रव्यापी डीएलसी अभियान 4.0 का दस्तावेजीकरण करने वाली एक कॉफी टेबल ई-बुक के साथ एक सार-संग्रह पुस्तिका जारी की गई।


*******

पीके/केसी/आरटी/एनकेएस


ये खबरें भी पढ़िए

भारतीय वेब डेवलपर द्वारा लैपटॉप और मोबाइल पर वेबसाइट जाँचने का सांकेतिक दृश्य · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य भारत

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 12 स्वीकृत आवेदकों की घोषणा की

भारत के सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज दूसरे, तीसरे और चौथे स्तंभ के लिए “सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत सेमीकॉन 2.0– वेब एप्लिकेशन पोर्टल” लॉन्च किया। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के अंतर्ग

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार · 8 मिनट पढ़ें
भारतीय विद्यार्थियों के डिजिटल अध्ययन का सांकेतिक दृश्य · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य भारत

भारतीय वायुसेना के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट और आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन ने हवाई प्लेटफॉर्म के लिए स्वदेशी डिजिटल सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के सॉफ्टवेयर विकास संस्थान (एसडीआई) ने हवाई अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी डिजिटल संचार प्रणाली का संयुक्त रूप से डिजाइन व विकास करने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते पर एसडीआई के कमांडेंट एयर वाइस मार्शल सरबजीत सिंह और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार · 2 मिनट पढ़ें
Students practice explaining a mock form to residents · एआई से निर्मित सांकेतिक दृश्य भारत

विधि और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 6 सफलतापूर्वक पूरा किया

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के मार्गदर्शन में, विधि और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने लंबित मामलों के निपटारे और कार्यालय परिसर में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए विशेष अभियान 6 चलाया। यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया गया। पहला चरण 15 से 30 सितंबर 2026 तक चला। इस दौरान सांसदों से प्राप्त संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, राज्य सरकारों और विभिन्न मंत्रालयों से मिले संदर्भों तथा जन शिकायत

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार · 3 मिनट पढ़ें
पढ़ने की सूची देखें →
अपनी खबर खोजिए

आप क्या पढ़ना चाहेंगे?

आप अपनी भाषा में शीर्षक और विषय खोज सकते हैं।

प्रकाशित खबरों से

आज की ब्रीफिंग

  1. 01

    केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 12 स्वीकृत आवेदकों की घोषणा की

    भारत के सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज दूसरे, तीसरे और चौथे स्तंभ के लिए “सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत सेमीकॉन 2.0– वेब एप्लिकेशन पोर्टल” लॉन्च किया। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के अंतर्ग

    पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार
    →
  2. 02

    संयुक्त आशुलिपिक (ग्रेड ‘बी’/ग्रेड-‘I’) सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा, 2019, 2020 और 2021

    संघ लोक सेवा आयोग द्वारा दिसंबर, 2025 में आयोजित संयुक्त आशुलिपिक (ग्रेड ‘बी’/ग्रेड-‘I’) सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा, 2019, 2020 और 2021 के वर्ष 2020 के लिखित भाग के परिणामों तथा नवंबर, 2026 में सेवा अभिलेखों के मूल्यांकन के आधार पर, निम्नलिखित सेवाओं की वर्ष 2020 की चयन सूची में शामिल किए जाने हेतु अनुशंसित अभ्यर्थियों की श्रेणीवार सूचियाँ योग्यता क्रम में निम्नलिखित हैं:- श्रेणी | सेवाIV |

    पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार
    →
  3. 03

    भारतीय वायुसेना के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट और आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन ने हवाई प्लेटफॉर्म के लिए स्वदेशी डिजिटल सुरक्षित संचार प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

    भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के सॉफ्टवेयर विकास संस्थान (एसडीआई) ने हवाई अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी डिजिटल संचार प्रणाली का संयुक्त रूप से डिजाइन व विकास करने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते पर एसडीआई के कमांडेंट एयर वाइस मार्शल सरबजीत सिंह और आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्

    पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार
    →
  4. 04

    विधि और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 6 सफलतापूर्वक पूरा किया

    प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के मार्गदर्शन में, विधि और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने लंबित मामलों के निपटारे और कार्यालय परिसर में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए विशेष अभियान 6 चलाया। यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया गया। पहला चरण 15 से 30 सितंबर 2026 तक चला। इस दौरान सांसदों से प्राप्त संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, राज्य सरकारों और विभिन्न मंत्रालयों से मिले संदर्भों तथा जन शिकायत

    पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार
    →
  5. 05

    अंडमान और निकोबार कमान में पहले बिम्सटेक समुद्री सुरक्षा अभ्यास का सफलतापूर्वक समापन

    पहला बिम्सटेक समुद्री सुरक्षा अभ्यास 3 नवंबर, 2026 को श्री विजय पुरम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभ्यास 30 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2026 तक अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) की देखरेख में आयोजित किया गया। अंडमान और निकोबार कमान भारत की एकमात्र परिचालन त्रि-सैन्य कमान है, जिसका नेतृत्व कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल विनीत मैकार्थी कर रहे हैं। अभ्यास के दौरान विभिन्न गतिविधियों के साथ कई समन्वित समुद्री अभ्या

    पत्र सूचना कार्यालय (PIB) — भारत सरकार
    →

आपकी गोपनीयता

पढ़ने की सूची और अक्षरों का आकार इसी ब्राउज़र में सहेजे जाते हैं। संपादकीय लॉग इन में सुरक्षित सत्र कुकी इस्तेमाल होती है। इस वेबसाइट से अपने-आप ईमेल या सोशल संदेश नहीं भेजे जाते।