केंद्रीय राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आईएनए स्थित दिल्ली हाट में शिल्प समागम मेला 2026 का दौरा किया
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आज शाम राष्ट्रीय राजधानी के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित शिल्प समागम मेला 2026 का दौरा किया। इस मेले का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभनिया; राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आज शाम राष्ट्रीय राजधानी के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित शिल्प समागम मेला 2026 का दौरा किया। इस मेले का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
इस अवसर पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभनिया; राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री प्रभात त्यागी; एनएसएफडीसी के महाप्रबंधक श्री सपन बरुआ; एनएसएफडीसी के उप-महाप्रबंधक श्री रजनीश बैंकर; एनएसएफडीसी के सहायक महाप्रबंधक श्री गुलशन पहाड़िया; एनएसएफडीसी के प्रबंधक श्री पी. के. झा; एनएसएफडीसी के सहायक प्रबंधक श्री महेश चंद के अलावा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
'प्रकाश और परंपरा- ज्योति से ज्योति जलाएं' विषय पर आयोजित, 15 दिवसीय मेला सात अलग-अलग विषयगत क्षेत्रों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प कौशल को एक साथ लाता है। इनमें कला आँगन, प्रकाश चौक, पूजा पथ, सजावट बाज़ार, घराना, स्वाद चौक और मंच शामिल हैं, जो आगंतुकों को भारत की कलात्मक, सांस्कृतिक और पाक विविधता का अनुभव प्रदान करते हैं।
श्री रामदास अठावले ने मेले का भ्रमण किया और स्टॉलों का निरीक्षण किया, जो अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई कर्मचारियों और दिव्यांगजन कारीगरों तथा लाभार्थियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक सुलभ मंच प्रदान करके उनकी उद्यमशीलता क्षमताओं को बढ़ावा देने के प्रति मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
श्री रामदास अठावले ने कहा कि शिल्प समागम मेला पारंपरिक कारीगरों और उद्यमियों को उपभोक्ताओं से जोड़ने, बाजार संपर्क बनाने और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, समाज के सभी वर्गों के समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेष रूप से उन वर्गों के लिए जिन्हें गरिमापूर्ण आजीविका अर्जित करने के लिए पर्याप्त अवसरों की आवश्यकता है।
मंत्री महोदय ने कहा कि इस मेले में 130 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक वस्त्र, त्योहारों की सजावट का सामान, लैंप, घर की सजावट का सामान और अन्य स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय 2022 से शिल्प समागम मेलों का आयोजन कर रहा है। इन मेलों के माध्यम से अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सफाई कर्मचारी समुदायों के एक हजार से अधिक कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिला है, जिससे उन्हें काफी लाभ हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह आयोजन पारंपरिक शिल्प कौशल, हथकरघा उत्पादों, शिल्प के प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को एक मंच प्रदान करता है, साथ ही उद्यमिता, आजीविका सृजन और समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देता है।
श्री अठावले ने कहा कि कारीगरों को निःशुल्क स्टॉल, यात्रा खर्च, दैनिक भत्ता और उनके सामान के लिए परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
नागरिक, परिवार और युवा आगंतुक मेले में उमड़ रहे हैं। वे यहां तरह-तरह के पारंपरिक उत्पादों को देख रहे हैं, कारीगरों के शिल्प कौशल का आनंद ले रहे हैं और उसकी सराहना कर रहे हैं। साथ ही, वे उद्यमिता, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में कारीगरों के प्रयासों का समर्थन भी कर रहे हैं।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मेले की शुरुआत के बाद से ही उत्साहजनक बिक्री देखने को मिली है, जो आगंतुकों के उत्साह और लाभार्थी समुदायों के उत्पादों के प्रति बढ़ती सराहना को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से 5 नवंबर, 2026 के बीच, इसमें शामिल चार निगमों—एनएसएफडीसी, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम (एनबीसीएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम (एनडीएफडीसी)—की कुल बिक्री करीब 37.90 लाख रुपये दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह कुल बिक्री मेले में प्रदर्शित उत्पादों के प्रति सकारात्मक बाजार प्रतिक्रिया और इसमें भाग लेने वाले कारीगरों के लिए बढ़ते बाजार के अवसरों को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मेला कारीगरों को 'भारत ट्यूलिप' जैसी पहलों के माध्यम से अपनी बाजार पहुंच का विस्तार करने का अवसर देता है और 'भारत ट्यूलिप' कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ता है। साथ ही, 'पर्पल फ़ेस्ट' दिव्यांगजनों की रचनात्मकता और क्षमताओं का उत्सव मनाता है तथा समावेशिता और समान अवसरों को बढ़ावा देता है।
शाम के समय 'मंच' पर आयोजित होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियां और कार्यक्रम आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण हैं। अलग-अलग राज्यों के कलाकार और मंडली के सदस्य यहां आकर रंगारंग लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और क्षेत्रीय कलाओं का प्रदर्शन करते हैं।
ये संध्या के कार्यक्रम दर्शकों को एक ही मंच पर भारत की विविध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की एक मनमोहक झलक प्रस्तुत करते हैं, जिससे एक उत्सव जैसा माहौल बनता है और क्षेत्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है।
इसमें भाग लेने वाले लाभार्थियों को मंत्रालय के शीर्ष निगमों द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। इनमें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम (एनबीसीएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम (एनडीएफडीसी) शामिल हैं। मंत्रालय इनके लिए निःशुल्क स्टॉल, यात्रा खर्च, दैनिक भत्ता और सामान के लिए परिवहन सुविधाएं देकर इनकी भागीदारी को आसान बनाता है।
शिल्प समागम मेला 2026 आईएनए के दिल्ली हाट में 15 नवंबर, 2026 तक चलेगा।
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पीके/केसी/आरटी/एसके
