फोन बदलने पर जरूरी संपर्क व्यवस्थित लौटें
फोन बदलने पर जरूरी संपर्कों की उपलब्धता और दायरा समझने योग्य हो; सेवा व्यक्ति को पुराने और नए उपकरण के बीच अस्पष्ट स्थिति में न छोड़े।
नया उपकरण पुराना संबंध
फोन बदलने का अनुभव केवल नए उपकरण को चालू करना नहीं है। व्यक्ति अपने जरूरी संपर्क और रोज की जानकारी के साथ काम जारी रखना चाहता है। यदि उसे समझ न आए कि कौन सा विवरण कहाँ उपलब्ध है तो परिवर्तन अनावश्यक अनिश्चितता बन सकता है। सेवा को इस यात्रा का स्पष्ट परिचय देना चाहिए। यहाँ किसी विशेष उपकरण के लिए तकनीकी चरण बताने की बात नहीं, सामान्य उपयोग के अर्थ की है। व्यक्ति को पता हो कि उसकी अपेक्षा और प्रणाली की पुष्ट स्थिति में क्या संबंध है।
दायरा सही बताया जाए
संपर्कों की जानकारी अलग माध्यम या खाते से जुड़ी हो सकती है। संबंधित सेवा का वास्तविक व्यवहार योग्य तकनीकी तथा गोपनीयता जिम्मेदारी में समझाया जाए। सामान्य संदेश उतना ही कहे जितना पुष्ट है। सब वापस आ गया जैसा व्यापक आश्वासन जरूरी सीमा छिपा सकता है। उपयोगकर्ता देख सके कि उपलब्ध जानकारी का कौन सा हिस्सा सामने है और किस बात की पुष्टि चाहिए। निजी विवरण अनावश्यक रूप से खुले प्रदर्शन में न आएँ। सुविधा के लिए जानकारी सँभालने की प्रक्रिया और उसकी आवश्यक सीमा साफ रहना महत्वपूर्ण है।
समीक्षा का अवसर मिले
परिवर्तन के बाद उपयोगकर्ता अपने जरूरी संपर्कों की स्थिति समझ सके और उपयुक्त सहायता का रास्ता पाए। त्रुटि हो तो केवल फिर प्रयास करें कहना हर परिस्थिति का उत्तर नहीं। संदेश बताए कि क्या ज्ञात है और जिम्मेदार अगला संपर्क कहाँ है। किसी भी तकनीकी कार्रवाई की जरूरत संबंधित पुष्ट सहायता तथा योग्य प्रक्रिया में देखी जाए। सामान्य इंटरफेस उपयोगकर्ता को जोखिम का अनुमान लगाने के लिए अकेला न छोड़े। अलग भाषा तथा पहुँच की जरूरतों में स्थिति और विकल्प के अर्थ परखा जाएँ। स्पष्टता वास्तविक काम से जानी जाएगी।
परिवर्तन का पूरा अनुभव
अच्छी सेवा नए फोन पर प्रवेश तक सीमित नहीं रहती। वह पुराने संदर्भ से नए उपयोग तक जिम्मेदार निरंतरता सोचती है। उपयोगकर्ता से मिले प्रश्न और कठिनाई डिजाइन सुधार का आधार बनें। कोई एक उपाय सभी उपकरणों पर समान होगा, ऐसा दावा आवश्यक नहीं। मूल सिद्धांत है कि जानकारी की उपलब्धता, सीमा और नियंत्रण समझने योग्य रहें। तकनीक बदलने का उत्साह तभी उपयोगी होगा जब व्यक्ति अपने सामान्य काम तथा संबंधों तक रास्ता पा सके और पुष्ट जानकारी के बिना पूर्णता का भ्रम न मिले।
